उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। शिकायतों पर कारवाई के बजाय भाव्या ग्रुप को संरक्षण दे रहा बीडीए व जिला प्रशासन।।

।। सत्ता दल के नेताओं के साथ प्रशासनिक अफसरों को रहने,खाने की व्यवस्था दे रहा होटल प्रबंधन।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

19 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

 बस्ती ।।‌ आखिर जिले मे कैसे चल रहा बिना रजिस्ट्रेशन व बीडीए से नक्शा पास ना होने के कारण सीज हुआ भव्या मैरिज लॉन। एसडीएम गुलाब चंद्र के तबादले के बाद आखिर किसने हटाया भव्या मैरिज लॉन पर लगा सीज। कई सालों से अनाधिकृत तरीके से हो रहा संचालन,शिकायतों पर कारवाई के बजाय भव्या ग्रुप को संरक्षण दे रहा बीडीए व जिला प्रशासन।

सूत्रों के मुताबिक सत्ता दल के नेताओं के साथ प्रशासनिक अफसरों को रहने,खाने की व्यवस्था दे रहा होटल प्रबंधन। होटल ग्रैंड भव्या पैलेस व भव्या मेडिकल सेंटर आदि प्रतिष्ठान का नक्शा पास कराने व रजिस्ट्रेशन पर उठ रहे सवाल। आखिर शिकायत पर कार्रवाई के बजाय क्यूं मुंह छुपा रहे एडीएम व एसडीएम सदर,आखिर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर। जिले की तेजतर्रार डीएम कृतिका ज्योत्सना को मुंह चिढ़ा रहे तन कर खड़े भाव्या ग्रुप के अवैध बिल्डिंग।

बस्ती जिले में भव्या मैरिज लॉन और भव्या ग्रुप से जुड़े प्रतिष्ठानों (जैसे होटल ग्रैंड भव्या पैलेस और भव्या मेडिकल सेंटर) के अवैध संचालन और सीज हटाए जाने के आरोपों पर दिसंबर 2025 तक की जानकारी निम्नलिखित है:
सीज की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
  • सीज की कार्रवाई: पूर्व एसडीएम (सदर) गुलाब चंद्र के कार्यकाल के दौरान, भव्या मैरिज लॉन को बस्ती विकास प्राधिकरण (BDA) से नक्शा पास न होने और आवश्यक पंजीकरण के अभाव में सीज किया गया था।
  • सीज हटाना: उनके तबादले के बाद, यह आरोप है कि बिना किसी ठोस वैधानिक सुधार या नक्शा पास कराए ही इस प्रतिष्ठान का संचालन पुनः शुरू कर दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर इसे किसने और किन आधारों पर खोलने की अनुमति दी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। 
अवैध संचालन और संरक्षण के आरोप
  • BDA की भूमिका: स्थानीय शिकायतों के अनुसार, भव्या ग्रुप के प्रतिष्ठानों (होटल ग्रैंड भव्या पैलेस और भव्या मेडिकल सेंटर) का नक्शा स्वीकृत नहीं है।
  • संरक्षण के दावे: सूत्रों और स्थानीय शिकायतों में यह दावा किया गया है कि होटल प्रबंधन द्वारा सत्तापक्ष के नेताओं और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों को निशुल्क रहने और खाने की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिसके बदले में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के बजाय “संरक्षण” दिया जा रहा है।
  • प्रशासनिक चुप्पी: एडीएम और एसडीएम सदर द्वारा इस संवेदनशील मामले पर कार्रवाई न करने और शिकायतों को नजरअंदाज करने के सवाल जिला प्रशासन के गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 
जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्सना की भूमिका
  • अक्टूबर 2025 में बस्ती की नई जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने वाली आईएएस कृतिका ज्योत्सना से जनता को कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
  • हालांकि “बाबा के बुलडोजर” (अवैध निर्माण ढहाने) की मांग तेज है, लेकिन भव्या ग्रुप की इमारतों पर अभी तक कोई बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की “तेजतर्रार” छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। 
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